*अनाथों के सहारा बने पंडेरवासी वह दानदाता गोविंद धोबी की मुहिम लाई रंग*
*भेरूजी भील के अनाथ बच्चों को 10 से 12 दिन में मिले ₹65,000, हजार से भी अधिक की सहयोग राशि*
पंडेर भीलवाडा राजस्थान विभागीय संपादक गणपतलाल रेगर
*पंडेर/भीलवाड़ा* परोपकार ही सबसे बड़ा धर्म है की कहावत को ग्राम पंडेर ने सच कर दिखाया जवाहर नगर निवासी स्व. भेरूजी भील की मृत्यु के बाद बेसहारा हुए दो मासूम बच्चों को गाँव ने गोद ले लिया भेरूजी भील के निधन के बाद पीछे रह गए दो छोटे बच्चे जिनके माँ-बाप का साया पहले ही उठ चुका था दादा के सहारे जी रहे बच्चों के सिर से अब वो साया भी छिन गया तरसते अनाथ बच्चों की दयनीय स्थिति देखकर गाँव के *युवा समाजसेवी गोविंद कुमार धोबी* ने अपने मोबाइल से एक मार्मिक वीडियो बनाकर व्हाट्सएप, फेसबुक व इंस्टाग्राम पर डाला संदेश था एक मासूम सी पुकार आपकी मदद की दरकार
गोविंद की नेक अपील पंडेर सभी ग्रामवासियों व आसपास के गाँवो ने दिल खोलकर सहयोग किया मात्र 10 से 12 दिन में *₹65,000 हजार से भी अधिक* की दान राशि एकत्र हो गई
पूरी पारदर्शिता के साथ एकत्रित राशि में से *(60,000 की F.D)* . दोनों बच्चों के नाम करवा दी गई बची हुई राशि बच्चों की पढ़ाई कपड़े और जरूरी जरूरतों के लिए नगद परिवार को सौंप दी गई F.D.के कागज भी सौंप दिए गए हैं F.D. समय पूरा होने पर लगभग 1 लाख के आसपास इनको राशि मिलेगी यह कार्य भील समाज के पंच-पटेलों और मोहल्ला वासी वह ग्रामवासियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ
समाजजन व ग्रामवासियों ने इस नेक कार्य के लिए *पहल करने वाले गोविंद कुमार धोबी* और एक-एक रुपया दान देने वाले सभी दानदाताओं वह समस्त ग्रामवासियों का हृदय से आभार जताया, भीलवाड़ा जहाजपुर से खास रिपोर्ट गणपत लाल

