हिंगणघाट के नागरिकों ने धार्मिक सौहार्द बनाए रखने हेतु प्रशासन को सौंपा सामूहिक निवेदन
सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक वक्तव्य को लेकर नागरिकों का सामूहिक निवेदन, कार्यवाही कि मांग
मो मकसूद बावा पत्रकार हिंगणघाट जिला वर्धा मिडिया पोलिस टाइम विभागीय उपसंपादक
सोशल मीडिया पर पैगम्बर मोहम्मद (स अ व) के संबध मे कथित आपत्तिजनक वक्तव्य का मामला सामने आने के बाद दि,3/7/2026 शुक्रवार (जुम्मा) को हिंगणघाट शहर के नागरिकों एवम मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियो ने उपविभागीय (SDO) उपविभागीय पोलिस अधिकारी (DYP) तहसीलदार तथा थानेदार हिंगणघाट को सामूहिक निवेदन सौंपा
निवेदन में मांग कि गई है कि संबंधित कथित वक्तव्य एवम सोशल मीडिया सामग्री की निष्पक्ष एवम त्वरित जांच की जाए। यदि जांच में प्रथमदृष्टियां संज्ञेया अपराध पाया जाता है, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) सूचना प्रोद्योगिकी अधिनयम तथा अन्य लागू कानूनो के अनुसार विद्यासमत कारवाही की जाए ।
नागरिकों ने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया वीडियो सोशल मीडिया पोस्ट एवम अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए जांच की जाए ताकि किसी भी प्रकार के साक्ष्य नष्ट न हो। साथ ही यदि प्रकरण अन्य राज्य अथवा अन्य पोलिस थाना क्षेत्र से संबंधित हो, तो आवश्यकता अनुसार ZERO FIR दर्ज कर संबंधित पोलीस स्टेशन को प्रेषित करने कि मांगभी की गई ।
निवेदन में हस्तककर्ताओ ने स्पष्ट किया है कि यह शिकायत किसी व्यक्ती, धर्म या समुदायक के प्रति द्वेष से प्रेरित नहीं है, संविधान कानून के राज्य सामाजिक सालोंख राष्ट्रीय एकता और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से दी गई है, निवेदन पर उप विभाग कार्यालय हिंगणघाट में 3 जुलाई 2026 को पावती दर्ज की गई है. प्रशाशन ने निवेदन स्वीकार कर नियमनुसार आवश्यक कारवाही का आश्वासन दिया ।
शिकायतकर्ताओं कि प्रमुख मागे
1, संबंधित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों तत्काल व निष्पक्ष जांच
2, जांच में प्रथमदर्शी अपराध सिद्ध होने पर भारतीय न्याय संहिता BNS 2023,(धारा ,196,299 सहित ) सूचना प्रोद्योगिकी अधिनयम 2000 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS 2023 )के तहत कानूनी कारवाही ।
3, यदि मामले का क्षेत्राधिकार अन्य राज्य /थाने से जुडा हो तो BNSS कि धारा 173 के अंतर्गत ZERO FIR दर्ज कर संबंधित सक्षम थाने को स्थानांतरित करना।
4, धार्मिक भावनाएं भड़काकर सामाजिक/जातीय तनाव पैदा करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई।
5, भविष्य में किसी भी धर्म, धर्मगुरु या श्रद्धास्थान के विरुद्ध आपत्तिजनक बयान बाजी रोकने हेतु संबंधित तंत्र को सतर्क करना ।

