(मो मकसूद बावा ) हिंगणघाट शहर की कुछ निजी तथा सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से सीधे संबंधित न होने वाली अतिरिक्त और महंगी पुस्तकों की खरीद के लिए मजबूर किए जाने की शिकायतें बड़ी संख्या में अभिभावकों से प्राप्त हो रही हैं। इससे सामान्य अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जो एक गंभीर विषय है।इस पृष्ठभूमि में हिंगणघाट नगर परिषद शिक्षा समिति की ओर से शिक्षण सभापति सौ. पल्लवी सुशांत बाराहाते ने पहल करते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को निवेदन प्रस्तुत किया है। इसमें मांग की गई है कि स्कूल केवल आधिकारिक पाठ्यक्रम के अनुसार आवश्यक पुस्तकों की ही अनुशंसा करें तथा विद्यार्थियों पर अनावश्यक और महंगी पुस्तकों का बोझ न डालें।शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने और अभिभावकों पर आर्थिक भार कम करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध भी इस निवेदन के माध्यम से किया गया है। साथ ही, विद्यार्थियों को किसी विशेष दुकान से पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए तथा स्कूल परिसर में पुस्तक बिक्री न की जाए, ऐसी अपेक्षा भी व्यक्त की गई है।विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित और अभिभावकों की आर्थिक सुरक्षा ही नगर परिषद शिक्षा समिति की प्राथमिकता है। इस संदर्भ में प्रशासन द्वारा तुरंत उचित कदम उठाए जाएं, ऐसी मांग शिक्षण सभापति सौ. पल्लवी सुशांत बाराहाते ने की है।हिंगणघाट शहर के अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे इस विषय में जागरूक रहें और यदि किसी प्रकार की अनावश्यक पुस्तक खरीद की जबरदस्ती की जा रही हो तो इसकी जानकारी नगर परिषद शिक्षा विभाग को दें।

