​'हमें भी जीने दो' अभियान को स्कूल और शिक्षकों का भारी समर्थन(Sub heading)"तुम ज़मीन वालों पर रहम करो, ऊपर वाला तुम पर रहम करेगा"​ (समुद्रपुर (वर्धा) विभागीय संपादक अब्दुलकदीर): सड़क हादसों में निर्दोष वन्यजीवों और पक्षियों की जान बचाने के लिए मोहम्मद शकील सर द्वारा 'हमें भी जीने दो' (आम्हाला पण जगू द्या) नामक एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अब यह अभियान केवल सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूलों, कॉलेजों और गांवों तक पहुंच गया है।​शकील सर (एकलव्य अ.आ. आश्रम स्कूल, वायगांव गोंड) ने हाल ही में पंचायत समिति समुद्रपुर के श्री गिद्देवार सर, विकास विद्यालय वायगांव (गोंड), विद्या विकास स्कूल समुद्रपुर और राजीव गांधी विद्यालय समुद्रपुर के शिक्षकों से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने अभियान के उद्देश्य को साझा किया और शिक्षकों से सहयोग मांगा। साथ ही, उन्होंने आश्रम स्कूल वायगांव के छात्रों को सड़क सुरक्षा के बारे में मार्गदर्शन दिया और बेजुबान जानवरों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।​पम्फलेट्स और बैनर्स ने खींचा ध्यानइस अभियान के संदेश को घर-घर पहुँचाने के लिए गांव में जगह-जगह पम्फलेट्स और बैनर लगाए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से पान की दुकानें, अन्य दुकानें और स्कूल परिसर शामिल हैं। वाहन चालकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए सड़क किनारे के पेड़ों पर भी बोर्ड लगाए गए हैं।​'हर जीव को जीने का अधिकार है'पम्फलेट्स के माध्यम से शकील सर ने एक बहुत ही मार्मिक संदेश दिया है कि हमारी सड़कों पर अनजाने में हुई गलतियों के कारण अब तक कितने ही निर्दोष जीवों की जान जा चुकी है। इसे रोकने के लिए:​सावधानी से गाड़ी चलाएं और प्रकृति को सुरक्षित रखें।​यही इस सामाजिक जागरूकता अभियान का मुख्य लक्ष्य है। इस पहल के कारण क्षेत्र के नागरिकों और विशेष रूप से छात्रों में प्रकृति और जानवरों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।

हमें भी जीने दो' अभियान को स्कूल और शिक्षकों का भारी समर्थन(Sub heading)"तुम ज़मीन वालों पर रहम करो, ऊपर वाला तुम पर रहम करेगा"​                              
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