महंगाई और बेरोजगारी तो हमेशा रहेगी, कोई भी बड़े से बड़ा तुररमख़ा देश दूर नहीं कर सकता: राजेश खुराना महंगाई-बेरोजगारी पर नियंत्रण के लिए अब रोजगारपरक शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन और जनसंख्या नियंत्रण बेह्द जरूरी: मुसरफ ख़ान

महंगाई और बेरोजगारी तो हमेशा रहेगी, कोई भी बड़े से बड़ा तुररमख़ा देश दूर नहीं कर सकता: राजेश खुराना 

महंगाई-बेरोजगारी पर नियंत्रण के लिए अब रोजगारपरक शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन और जनसंख्या नियंत्रण बेह्द जरूरी: मुसरफ ख़ान 

आग्रा दिल्ली विभागीय संपादक संजय सिंह 

प्रोटेस्ट की आड़ में अब युवाओं को गुमराह करना और भड़काना बंद कीजिए और देशहित में वर्तमान और नयी पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए साथ मिलकर समाधान की बात कीजिए: अरविन्द पुष्कर,एडवोकेट 

विरोध-प्रोटेस्ट करने वालों को पहले अपने राज्यों में समाधान का मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए, तभी बनेगा युवाओं का उज्ज्वल भविष्य: समाजसेवी राजू शर्मा 

उत्तरप्रदेश, संजय साग़र सिंह। महंगाई और बेरोजगारी आज केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े-बड़े देशों के सामने गंभीर चुनौती बनी हुई है। इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी राजेश खुराना, सामाजिक चिंतक मुसरफ ख़ान, अधिवक्ता अरविन्द पुष्कर एवं समाजसेवी राजू शर्मा ने कहा कि दशकों तक शासन करने वाली कई राजनीतिक पार्टियां और उनके तुररमख़ा नेता भी अपने समय में इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं खोज सके। 

लेक़िन आज़ युवाओं को गुमराह करने और भड़काने के लिए हर बार विरोध-प्रोटेस्ट इसी पर करती हैं। जबकि कड़बी सच्चाई यह हैं कि जनसंख्या और घुसपेठ बढ़ेगी तो महंगाई और बेरोजगारी तो हमेशा रहेगी। महंगाई और बेरोजगारी कोई भी बड़े से बड़ा तुररमख़ा देश दूर नहीं कर सकता।

उन्होंने आगे कहा कि जो दल या नेता महंगाई और बेरोजगारी समाप्त करने के दावे करते हैं, उन्हें पहले अपने-अपने राज्यों में इसका प्रभावी मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए। केवल विरोध या प्रदर्शन से समस्याओं का समाधान नहीं होता, उसके लिए ठोस नीतियों और दूरदर्शी योजनाओं की आवश्यकता होती है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए अनियंत्रित जनसंख्या नियंत्रण, अवैध घुसपैठ पर रोक तथा रोजगारपरक शिक्षा को प्राथमिकता देना इस समय की महत्वपूर्ण मांग है। उनका मानना है कि कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देकर ही बेरोजगारी और अनियंत्रित जनसंख्या नियंत्रण, अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने पर महंगाई जैसी गंभीर चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

आखिर में उन्होंने देशहित में अपील करते हुए कहा कि देश और नई पीढ़ी के भविष्य के लिए सभी नेता और पार्टियों को अनियंत्रित जनसंख्या, अवैध घुसपैठ जैसी गंभीर चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण और समस्या के समाधान हेतु अब मिलकर गंभीरता से विचार-विमर्श करना चाहिए और विरोध-प्रोटेस्ट की आड़ में युवाओं को गुमराह करने और भड़काने की अराजक राजनीति को बंद कर देना चाहिए और देशहित में वर्तमान एवं नयी पीढ़ी के बेहतर भविष्य निर्माण के लिए साथ मिलकर समस्या के समाधान की बात करनी चाहिए तभी युवाओं का उज्ज्वल भविष्य बनेगा।
Previous Post Next Post