संजीव कुमार सिंह: एक नया चेहरा, नई उम्मीद - जनता के बीच बढ़ रही संजीव कुमार सिंह की लोकप्रियता. (नई दिल्ली, )संजय साग़र सिंह। बिहार में इस बार की सियासी हवा कुछ अलग है। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता ठाकुर संजीव कुमार सिंह एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट) के नेतृत्व में एक नई राजनीतिक ऊर्जा देखने को मिल रही है। वे पूरे राज्य में परिवर्तन की आहट लेकर आगे बढ़ रहें है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी विधानसभा चुनावों में जनता किसे अपना विश्वास सौंपती है।जनता के बीच बढ़ रही है संजीव कुमार सिंह की लोकप्रियताराष्ट्रीय नेता संजीव कुमार सिंह के समर्थकों के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संभावित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार संजीव कुमार सिंह एडवोकेट (सुप्रीम कोर्ट) लगातार बिहार के कोने-कोने में जाकर पर्चे बाँट रहे हैं और आम जनता से डोर टू डोर संवाद कर रहे हैं। उन्हें न केवल एक राजनेता बल्कि एक समाजसेवी और जनहित के अधिवक्ता के रूप में भी जाना जाता है। उन्होंने वर्षों से ग़रीब दलित मजदूर जनता को कानूनी सहायता दी है और हर संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े रहे हैं। हाल ही में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने पीड़ित गाँवों में पहुँचकर हरसंभव मदद की।समर्थकों का दावा है कि इस बार बिहार की जनता जागरूक हो चुकी है और बदलाव का मन बना चुकी है। राज्य के युवा रोजगार की तलाश में हैं और यह भरोसा अब कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता संजीव कुमार सिंह पर जताया जा रहा है। उनका कहना है कि बिहार की जनता अब संजीव कुमार सिंह को वोट देकर सत्ता में लाएगी, क्योंकि केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता संजीव कुमार सिंह ही उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सम्मान, और रोज़गार की गारंटी दे सकते है।तेजस्वी यादव पर निशानासंजीव कुमार सिंह के समर्थकों ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव और उनके परिवार पर कई घोटालों के मामले चल रहे हैं, जिसमें रेलवे घोटाला और जमीन से जुड़ी गड़बड़ियां शामिल हैं। ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता संजीव कुमार सिंह को ही बिहार की बागडोर संभालनी चाहिए।संजीव कुमार सिंह: एक नया चेहरा, नई उम्मीदसंजीव कुमार सिंह को जनता एक ऐसे नेता के रूप में देख रही है जो "रोज़गार, दवाई, पढ़ाई, महिला सम्मान और उद्योग" जैसे मूलभूत मुद्दों पर काम करना चाहता है। उनके समर्थकों का कहना है कि उनका नाम आज बिहार के बच्चों की जुबान पर है, और वे मजदूर दलित और गरीबों की आवाज़ बन चुके हैं।

संजीव कुमार सिंह: एक नया चेहरा, नई उम्मीद - जनता के बीच बढ़ रही संजीव कुमार सिंह की लोकप्रियता.        
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