*ड्रग्स तस्करी में शामिल पुलिसकर्मियों की अब खैर नहीं; मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए सीधे 'बर्खास्तगी' के आदेश* मुंबई/ठाणे: महाराष्ट्र को नशामुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे कठोर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी ड्रग्स तस्करी या ड्रग माफियाओं के साथ मिलीभगत में पाया जाता है, तो उसे केवल निलंबित (Suspend) नहीं किया जाएगा, बल्कि सीधे सेवा से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया जाएगा मुख्यमंत्री ने विधानसभा और विभिन्न सार्वजनिक मंचों पर यह स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की नीति 'जीरो टॉलरेंस' की है उन्होंने कहा कि वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों के लिए पुलिस बल में कोई जगह नहीं है दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिससे उन्हें बिना किसी लंबी विभागीय जांच के सीधे नौकरी से निकाला जा सकेगा मकोका (MCOCA) के तहत कार्रवाई: बार-बार ड्रग्स अपराधों में शामिल अपराधियों और उनके मददगारों पर अब 'मकोका' जैसे कड़े कानून लगाए जाएंगे ड्रग्स की होम डिलीवरी के लिए इस्तेमाल होने वाली कूरियर कंपनियों को भी अब सह-आरोपी बनाया जाएगा नशीले पदार्थों के व्यापार से अर्जित की गई सभी अवैध और बेनामी संपत्तियों को जब्त करने के निर्देश दिए गए हैं ड्रग्स के खिलाफ इस लड़ाई को और मजबूत करने के लिए राज्य भर के पुलिस थानों में विशेष 'एंटी-नारकोटिक्स यूनिट' का गठन किया गया है मुख्यमंत्री फडणवीस ने जोर देकर कहा कि ड्रग्स का यह संकट आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए खतरा है, इसलिए इसे जड़ से खत्म करने के लिए सरकार किसी भी हद तक जाएगी

ड्रग्स तस्करी में शामिल पुलिसकर्मियों की अब खैर नहीं; मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए सीधे 'बर्खास्तगी' के आदेश*                                                                                             
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