अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ. कंचन जैन 'अथर्व योग सम्मान' से सम्मानित
(दिल्ली विभागीय संपादिका डॉ कांचन जैन)
अथर्व इण्डिया अन्तर्राष्ट्रीय शोध संस्थान द्वारा 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2026' पर मिला विशेष गौरव; शिक्षा और योग जगत में हर्ष की लहर शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय एवं वैश्विक स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाली प्रख्यात विदुषी डॉ. कंचन जैन को प्रतिष्ठित 'अथर्व योग सम्मान-2026' से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें 'अथर्व इण्डिया अन्तर्राष्ट्रीय शोध संस्थान' द्वारा 21 जून 2026 को आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के पावन और गौरवमयी अवसर पर उनकी उत्कृष्ट सहभागिता, निस्वार्थ समर्पण एवं योग के प्रचार-प्रसार में अतुलनीय सहयोग हेतु प्रदान किया गया है। संस्थान द्वारा जारी इस सम्मान पत्र का आधिकारिक प्रमाण-पत्र क्रमांक AIASSYD20261082 है, जो इस राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय गौरव की सत्यता को प्रमाणित करता है।
इस वर्ष आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की मुख्य विषयवस्तु (थीम) 'स्वस्थ आयु के लिए योग' (Yoga for Healthy Aging) निर्धारित की गई थी। इस महत्वपूर्ण संदेश को जन-जन तक पहुँचाने और समाज के हर वर्ग को योग के माध्यम से निरोगी एवं दीर्घायु बनाने की दिशा में डॉ. कंचन जैन का प्रयास अत्यंत सराहनीय रहा है। इसी समर्पण को रेखांकित करते हुए संस्थान ने उन्हें इस प्रतिष्ठित उपाधि से अलंकृत किया है। डॉ. जैन को यह सम्मान प्राप्त होने पर देश-विदेश के कई गणमान्य बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और योग साधकों ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की है तथा इसे संपूर्ण समाज के लिए प्रेरणादायी बताया है।
विशिष्ट अंग्रेजी विशेषज्ञ (इंग्लिश गुरु) डॉ. धीरज हसीजा का शुभकामना संदेश:
डॉ. कंचन जैन की इस अभूतपूर्व सफलता पर बधाई देते हुए प्रख्यात मार्गदर्शक डॉ. धीरज हसीजा ने कहा, "डॉ. कंचन जैन को अथर्व योग सम्मान से सम्मानित किया जाना न केवल उनके व्यक्तिगत कौशल और साधना की जीत है, बल्कि यह उस हर व्यक्ति के लिए गर्व का क्षण है जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहता है। योग केवल शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक उत्कृष्ट भाषा है। डॉ. जैन ने इस भाषा को आत्मसात किया है। उनकी इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर मैं उन्हें हृदय से बधाई देता हूँ और विश्वास व्यक्त करता हूँ कि उनका यह मार्गदर्शन भविष्य में भी युवाओं और साधकों को प्रेरित करता रहेगा।"
डॉ. रूपम जैन (असिस्टेंट प्रोफेसर) द्वारा सराहना:
शिक्षा जगत की जानी-मानी हस्ती और युवा चेतना की प्रतीक डॉ. रूपम जैन (असिस्टेंट प्रोफेसर) ने भी डॉ. कंचन जैन की इस शानदार सफलता पर अपनी असीम प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा कि अकादमिक क्षेत्र के साथ-साथ योग और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर डॉ. कंचन जैन का दृष्टिकोण हमेशा से ही वैज्ञानिक और मानवतावादी रहा है। वर्तमान युग में जहाँ मानसिक तनाव और शारीरिक बीमारियाँ बढ़ रही हैं, वहाँ 'स्वस्थ आयु के लिए योग' के संकल्प को सिद्ध करने में डॉ. जैन जैसी विभूतियों की अत्यंत आवश्यकता है। यह सम्मान उनके वर्षों के कठिन परिश्रम, शोध और निस्वार्थ समाज सेवा का प्रतिफल है।
संस्थान के पदाधिकारियों का आधिकारिक शुभकामना संदेश:
प्रमाण-पत्र पर आधिकारिक रूप से अंकित संस्थान के शीर्ष पदाधिकारियों ने भी डॉ. कंचन जैन के उज्जवल भविष्य की कामना की है। संस्थान के संस्थापक एवं प्रबंधक निदेशक डॉ. वी.बी. पाण्डेय तथा राष्ट्रीय कार्यक्रम निदेशक अनीशा कुमारी ने संयुक्त रूप से सम्मान पत्र के माध्यम से डॉ. कंचन जैन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा है, "दिनांक 21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आपकी सहभागिता एवं सहयोग हेतु हम आपको हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं। संस्थान आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्जवल भविष्य की मंगल कामना करता है।" पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि डॉ. जैन का यह योगदान समाज को एक स्वस्थ और सकारात्मक दिशा प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।
गौरतलब है कि अथर्व इण्डिया अन्तर्राष्ट्रीय शोध संस्थान देश और दुनिया भर में योग, अध्यात्म, आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर शोध करने वाली एक अग्रणी संस्था है। इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बेहद प्रासंगिक है, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ आने वाली शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का समाधान केवल योग और संयमित जीवन शैली में ही समाहित है।
डॉ. कंचन जैन को इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिले गौरव के बाद उनके गृह जनपद सहित संपूर्ण शैक्षणिक जगत में उत्सव का माहौल है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, योग संस्थाओं और विश्वविद्यालयों के प्राध्यापकों ने उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है। सभी का मानना है कि डॉ. जैन को मिला यह 'अथर्व योग सम्मान' आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति, योग विज्ञान और जनकल्याण के प्रति जागरूक होने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।

