अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ. कंचन जैन "रानी दुर्गावती नारी शक्ति सम्मान" से विभूषित

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डॉ. कंचन जैन "रानी दुर्गावती नारी शक्ति सम्मान" से विभूषित

(दिल्ली विभागीय संपादिका डॉ कांचन जैन)


उत्कृष्ट लेखन, शोध और अद्वितीय साहित्यिक अवदान के लिए अंतर्राष्ट्रीय संस्था ने किया सम्मानित; शिक्षाविदों व गणमान्य जनों ने दी बधाई  शिक्षा, शोध और साहित्य के क्षेत्र में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाली अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विदुषी डॉ. कंचन जैन को उनकी उत्कृष्ट सामाजिक व साहित्यिक सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित "रानी दुर्गावती नारी शक्ति सम्मान" (Woman Power Award) से नवाजा गया है। यह गौरवपूर्ण सम्मान उन्हें 'इंटरनेशनल एकेडमी फॉर HUMAN EXCELLENCE' (IAHE) द्वारा प्रदान किया गया है। डॉ. जैन को यह अलंकरण उनके अद्वितीय लेखन, उच्च स्तरीय शोध कार्यों, प्रेरणादायी पुस्तकों और साहित्य के प्रति उनकी गहरी रुचि व समर्पण के लिए दिया गया है।
प्रमाण पत्र के अनुसार, वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य, साहस और अदम्य भावना से प्रेरित यह सम्मान डॉ. कंचन जैन को समाज, महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व क्षमता और जनसेवा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया है। संस्था ने उन्हें नारीत्व का एक सशक्त प्रतीक (An Empowered Embodiment of Womanhood) बताते हुए उनके राष्ट्र-निर्माण के कार्यों को अनुकरणीय बताया है।
अध्यक्ष की ओर से शुभकामनाएं:
सम्मान प्रदान करने वाली संस्था 'IAHE' के संस्थापक एवं अध्यक्ष एम्बेसेडर डॉ. टीकम सोनी ने डॉ. कंचन जैन को बधाई देते हुए कहा, "डॉ. कंचन जैन का कार्य समाज के लिए एक महान प्रेरणा है। उन्होंने अपने उत्कृष्ट लेखन, शोध और पुस्तकों के माध्यम से राष्ट्र-निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका यह सम्मान संपूर्ण नारी शक्ति का सम्मान है। हम उनके निरंतर आगे बढ़ने और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करते हैं।"
डॉ. रामबली मिश्रा (सेवानिवृत्त प्रोफेसर) ने जताया हर्ष:
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अंतर्राष्ट्रीय साहित्य रत्न डॉ. रामबली मिश्रा (रिटायर्ड प्रोफेसर) ने कहा कि डॉ. कंचन जैन का साहित्य के प्रति समर्पण और उनकी वैचारिक प्रखरता अद्वितीय है। उनकी लेखनी में समाज को नई दिशा देने की अद्भुत क्षमता है। यह पुरस्कार उनके वर्षों की साहित्यिक साधना और शोधपरक दृष्टिकोण का तार्किक परिणाम है, जिसने वैश्विक स्तर पर हिंदी और भारतीय साहित्य का मान बढ़ाया है।
प्राचार्य डॉ. बी. एल. सैनी ने दी बधाई:
इस खबर को समाचार पत्र में प्रमुखता से प्रकाशित करवाते हुए प्रतिष्ठित प्राचार्य डॉ. बी. एल. सैनी ने कहा, "डॉ. कंचन जैन को मिला यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मान हमारी संस्था और संपूर्ण शैक्षणिक जगत के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। डॉ. जैन ने अपने शोध और साहित्यिक कृतियों से नई पीढ़ी को प्रेरित किया है। उनका यह सम्मान यह सिद्ध करता है कि सच्ची साहित्यिक सेवा और विद्वत्ता हमेशा शीर्ष पर स्थापित होती है। महाविद्यालय परिवार की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई।"
डॉ. कंचन जैन को यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिलने से शिक्षा जगत, साहित्यकारों और प्रबुद्ध जनों में हर्ष की लहर है। बधाई देने वाले विद्वानों ने कहा कि डॉ. जैन का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत गौरव को बढ़ाता है, बल्कि समाज में महिलाओं के नेतृत्व और बौद्धिक क्षमता को भी एक नई ऊंचाई प्रदान करता है।
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