अजीत पवार के निधन पर ठाकुर संजीव कुमार सिंह ने जताया गहरा शोकविमान हादसे को बताया संदिग्ध, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग... (नई दिल्ली।) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान हादसे में निधन पर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता और मंत्री पद के दाबेदार वरिष्ठ समाजसेवी एवं सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता ठाकुर संजीव कुमार सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को महाराष्ट्र की राजनीति के लिए “एक काला दिन” बताते हुए इसे संदिग्ध, कहा और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी का दिन राज्य की राजनीति के इतिहास में दुखद अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। आज जब देश का एक उपमुख्यमंत्री सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है?”उन्होंने दावा किया कि दो दिन पहले ही उन्हें जानकारी मिली थी कि अजीत पवार पार्टी से अलग होने और अपने चाचा शरद पवार के साथ पुनः राजनीतिक रूप से सक्रिय होने की योजना बना रहे थे। ऐसे में यह हादसा कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें केवल सर्वोच्च न्यायालय पर ही भरोसा है, अन्य किसी एजेंसी पर नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में हर स्तर पर समझौते हो रहे हैं और सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा सकती है।18 महीने पहले भी टला था बड़ा हादसायह पहली बार नहीं था जब अजीत पवार किसी हवाई हादसे का शिकार होते-होते बचे हों। जुलाई 2024 में वे गढ़चिरौली में एक स्टील प्रोजेक्ट के उद्घाटन के लिए हेलीकॉप्टर से जा रहे थे। खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण हेलीकॉप्टर रास्ता भटक गया था और कुछ समय के लिए बादलों में खो गया। उस दौरान अजीत पवार बेहद चिंतित नजर आए थे, हालांकि पायलट की सूझबूझ से सभी सुरक्षित बच निकले थे।जयपुर में एयर इंडिया विमान की आपात स्थिति, सभी यात्री सुरक्षितअजीत पवार के हादसे के कुछ ही घंटों बाद विमान सुरक्षा को लेकर एक और गंभीर स्थिति सामने आई। दिल्ली से जयपुर जा रहा एयर इंडिया का विमान AI-1719 पहली बार लैंडिंग में असफल रहा और पायलट को ‘गो-अराउंड’ करना पड़ा। विमान में राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी सवार थे। दूसरी कोशिश में विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और सभी यात्री सुरक्षित हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, गो-अराउंड एक मानक सुरक्षा प्रक्रिया है, जिसे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनाया जाता है।राजनीतिक हस्तियों से जुड़े प्रमुख हवाई हादसेभारत में यह पहला मामला नहीं है जब किसी वरिष्ठ राजनीतिक नेता की हवाई दुर्घटना में मृत्यु हुई हो—2026 – अजीत पवार, उपमुख्यमंत्री महाराष्ट्र (Learjet 45 दुर्घटना)2025 – विजय रूपाणी, पूर्व मुख्यमंत्री गुजरात2021 – जनरल बिपिन रावत, CDS2011 – दोरजी खांडू, मुख्यमंत्री अरुणाचल प्रदेश2009 – वाई.एस. राजशेखर रेड्डी2001 – माधवराव सिंधिया1980 – संजय गांधीहालांकि अधिकांश हादसों को मौसम या तकनीकी कारणों से जोड़ा गया, लेकिन अजीत पवार की मृत्यु ने इसे केवल दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या-समान हादसा मानने की बहस को जन्म दे दिया है।निष्पक्ष जांच की मांग तेजअजीत पवार की असामयिक मृत्यु ने देशभर में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। ठाकुर संजीव कुमार सिंह सहित कई नेताओं और संगठनों ने इस हादसे की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।हादसे की निष्पक्ष जाँच शुरू इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम: शुरुआती जांच में क्या सामने आया विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और DGCA द्वारा की जा रही प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह खराब मौसम और कम दृश्यता बताई जा रही है। सुबह करीब 8:48 बजे लैंडिंग के समय विजिबिलिटी लगभग 3000 मीटर थी। पायलट ने ATC को सूचित किया था कि रनवे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा है। दो बार लैंडिंग की कोशिश असफल रही। तीसरी बार रनवे दिखने की सूचना देने के बाद ATC ने लैंडिंग की अनुमति दी, लेकिन इसके कुछ ही मिनट बाद विमान क्रैश हो गया। बारामती एक अनियंत्रित हवाई अड्डा है, जहाँ पूर्णकालिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट नहीं है। यहाँ उड़ान संबंधी सूचनाएँ पायलट और प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से साझा की जाती हैं। इस पहलू को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
byमीडीया पोलीस टाईम
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